इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के एग्जाम पर हाईकोर्ट का फैसला
इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की एग्जाम पर मंगलवार को हाई कोर्ट ने फैसला सुना दिया। हाई कोर्ट ने यूनिवर्सिटी की एग्जाम को वैकल्पिक कर दिया है। यानी स्टूडेंट्स चाहे तो एग्जाम देने जाए या नहीं। वहीं, यूनिवर्सिटी इन स्टूडेंट्स की एग्जाम को संभवत: मार्च माह में ले सकती है। इन स्टूडेंट्स को अब एग्जाम में शामिल होने के लिए कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं देना होगी।मामले में यूनिवर्सिटी की एग्जाम को लेकर हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका लगाई गई थी। इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई में याचिककर्ता और शासन के वकीलों ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए एग्जाम को वैकल्पिक कर दिया।रजिस्ट्रार डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि 17 जनवरी को यूनिवर्सिटी ने सर्कुलर निकाला था। इसमें यह बात थी कि जिन स्टूडेंट्स को कोविड का इंफेक्शन है, उनकी एग्जाम अलग से कराई जाएगी। दूसरी कंडीशन यह थी कि एग्जाम के लिए स्टूडेंट्स को कोविड सर्टिफिकेट दिखाना होगा। हाई कोर्ट का निर्णय है कि कोविड रिलेटेड कोई भी इश्यू हो, तो ऐसे स्टूडेंट्स की भी एग्जामिनेशन यूनिवर्सिटी कराए।इस एग्जाम के बाद होगी दूसरी एग्जामरजिस्ट्रार ने कहा कि ऐसे स्टूडेंट्स की एग्जाम फिलहाल चल रही एग्जाम के बाद आयोजित की जाएगी। इसके लिए दूसरी एग्जाम की सभी तैयारियां करना होगी। संभवत: ये एग्जाम मार्च माह में आयोजित हो सकती है। उन्होंने कहा कि मंगलवार से शुरू हुई एग्जाम के दूसरे चरण में 99% क्षमता स्टूडेंट्स की रही यानी बहुत कम स्टूडेंट्स ही एग्जाम देने नहीं आए हैं।