BhopalMadhya Pradesh

चावल घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर

जबलपुर। मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत किए गए चावल घोटाला की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर जबलपुर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर हुई है। याचिका में ईओडब्ल्यू की बजाए जांच केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कराने की मांग है। इस मामले में बड़े फर्जीवाड़ा की आशंका है। याचिका में दलील दी गई है कि पीडीएस में अधिकारियों की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है। इसके खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग की गई है।

नागरिक उपभोक्ता मंच ने जबलपुर हाई कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इस फर्जीवाड़े के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। याचिका दायर होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जल्द ही इसपर सुनवाई हो सकती है। बता दें कि फिलहाल मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। भोपाल ईओडब्ल्यू ने इसमें एफआईआर भी दर्ज की है. साथ ही एमपी सरकार ने भी दो अफसरों को निलंबित किया है।

क्या है मामला
लॉकडाउन के दौरान एमपी के बालाघाट व मंडला जिले में गरीबों को जो चावल बांटे गए, उसपर केन्द्र सरकार ने एक रिपोर्ट दी। हाल में ही आई रिपोर्ट बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान एमपी के इन जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकार ने जो चावल बांटे वो इंसानों के खाने लायक नहीं थे। वो पोल्ट्री यूज के चावल थे। इसके बाद से ही प्रदेश में सियासत गरमा गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मामले में ईओडब्ल्यू को फिलहाल जांच का जिम्मा सौंपा गया है।