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रंगपंचमी पर कांग्रेस कार्यालय में बिखरा अबीर-गुलाल, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने गाया ‘रंग बरसे’, जमकर थिरके कार्यकर्ता…

भोपाल : रंगपंचमी के रंगों की छटा आज कांग्रेस कार्यालय में जमकर बिखरी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने आज जमकर रंग खेला। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संगीत का समां भी बंधा और पटवारी, सिंघार सहित कई नेताओं ने होली के गीत गाए। आज कांग्रेस कार्यालय में गुलाल की बौछार, पिचकारियों की धार, ढोल की थाप और होली के गीतों की मस्ती रही। लगा जैसे पूरा कार्यालय किसी उत्सव के रंगमंच में तब्दील हो गया हो। कुछ देर के लिए सियासी मुद्दों को भूलकर सभी रंगों की मस्ती में सराबोर हो गए।

कांग्रेस कार्यालय में बिखरे रंगपंचमी के रंग 

होली की विदाई के बाद जब लोग थकान उतारने और रंगों से भरे कपड़े धोने में जुट जाते हैं..उतने में आ जाती है रंगपंचमी।महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और देश के कुछ हिस्सों में ये पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन कई स्थानों पर जमकर रंग खेला जाता है और हुरियारों की टोली भी निकलती है। भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भी आज रंगपंचमी के रंग जमकर बिखरे।

आज सुबह से ही कांग्रेस कार्यालय में हलचल शुरू हो गई थी। चारों तरफ लाल, पीले, हरे, नीले रंगों की छटा छाई थी। कार्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दे रही थी तो अंदर नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हंसी-ठिठोली का दौर चल रहा था। जीतू पटवारी ने सबसे पहले गुलाल की थाल उठाई और उमंग सिंघार को रंग लगाकर खेल की शुरुआत की। देखते ही देखते पूरा परिसर रंगों से सराबोर हो गया। कोई पिचकारी से पानी उड़ा रहा था तो कोई हाथों से गुलाल मलकर साथियों को रंगीन बना रहा था। कार्यालय की दीवारें, जो आम दिनों में गंभीर राजनीतिक चर्चाओं की गवाह बनती हैं आज रंगों के छींटों से सजी नजर आईं।

जीतू पटवारी, उमंग सिंघार ने गाए होली गीत

रंगपंचमी का ये उत्सव सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं रहा। जैसे ही ढोल की थाप तेज हुई, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने होली के पारंपरिक गीत गाने शुरु कर दिए। जीतू पटवारी  “रंग बरसे भीगे चुनर वाली” “होली खेले रघुवीरा” जैसे गीत गाकर समां बाँध दिया। इस दौरान उमंग सिंघार ने भी उनका साथ दिया। उनके साथ वहां मौजूद अन्य नेता-कार्यकर्ताओं ने भी खूब जुगलबंदी की और साथ साथ में जमकर थिरके भी। इस तरह रंगों और संगीत के संगम के साथ कांग्रेस कार्यालय आज जैसे किसी रंगशाला में तब्दील हो गया।