MP : उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा और जागरूकता, विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं…
भोपाल : आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस है। हर साल 15 मार्च को उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से ये दिन मनाया जाता है। यह दिन उपभोक्ताओं को सुरक्षित, न्यायसंगत और टिकाऊ बाज़ारों में खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उपभोक्ता सुरक्षा नीतियों और कानूनी प्रावधानों पर चर्चा करने का अवसर भी देता है। आज के दिन सीएम डॉ. मोहन यादव ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की हार्दिक बधाई। हर उपभोक्ता का मौलिक अधिकार है कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और सुरक्षा की सुनिश्चितता हो, जिससे आर्थिक तंत्र मजबूत भी होता है, साध ही उद्योगों में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, जो भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण है। आइए, उपभोक्ता के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लें।’
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस : इतिहास और महत्व
विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस की शुरुआत 15 मार्च 1962 को हुई, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी ने उपभोक्ताओं के अधिकारों को परिभाषित करते हुए एक ऐतिहासिक भाषण दिया था। इसके बाद, उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर कई संगठनों ने कार्य करना शुरू किया। वर्ष 1983 से इस दिन को औपचारिक रूप से विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
आज के वैश्विक बाजार में उपभोक्ताओं को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जैसे मिलावट, नकली उत्पाद, भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापार प्रथाएं, डेटा सुरक्षा की कमी और ऑनलाइन धोखाधड़ी। इस दिन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे किसी भी प्रकार की ठगी का शिकार न हो और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों से भी बच सकें।
उपभोक्ताओं के मुख्य अधिकार
संयुक्त राष्ट्र द्वारा उपभोक्ताओं के लिए कुछ महत्वपूर्ण अधिकार तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं :
- सुरक्षा का अधिकार : उपभोक्ता को ऐसे उत्पाद और सेवाएं मिलनी चाहिए जो सुरक्षित और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हों।
- जानकारी का अधिकार : उत्पाद से संबंधित पूरी और सही जानकारी प्राप्त करने का अधिकार।
- चुनने का अधिकार : उपभोक्ता को विभिन्न विकल्पों में से अपनी पसंद का उत्पाद या सेवा चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
- सुनवाई का अधिकार : किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज कराने और उसे उचित समाधान दिलाने का अधिकार।
- मुआवज़े का अधिकार : खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों या सेवाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई पाने का अधिकार।
- शिक्षा का अधिकार : उपभोक्ता को अपने अधिकारों और बाज़ार की गतिविधियों के बारे में जागरूक करने का अधिकार।
- स्वस्थ वातावरण का अधिकार : स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त वातावरण में जीवन जीने का अधिकार।