MP : NSUI ने CBI को लिखा पत्र, प्रदेश के सभी CMHO पर एफआईआर दर्ज करने की मांग, ये है कारण…
भोपाल : मध्य प्रदेश में उजागर हुए नर्सिंग फर्जीवाड़े के गूंज अभी थमी नहीं है, कोर्ट के आदेश पर हुई सीबीआई जाँच में ऐसे बहुत से नर्सिंग कॉलेज सामने आये जो कागजों पर थे धरती पर उनका नामो निशान नहीं मिला जिनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया, हालाँकि जाँच अभी जारी है इस बीच अब एनएसयूआई ने प्रदेश के सभी मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और सीबीआई से उनपर एफआईआर करने की मांग की है।

NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने सीबीआई निदेशक भोपाल को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा – मैं यह शिकायत दर्ज कराना चाहता हूँ कि भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रभाकर तिवारी और प्रदेश के अन्य जिलों में लंबे से पदस्थ समस्त सीएमएचओ की भूमिका फर्जी अस्पतालों को अनुचित मान्यता देने तथा नर्सिंग महाघोटाले में संदिग्ध रूप से शामिल रही है।
NSUI का आरोप फर्जी अस्पतालों की मदद से भोपाल सहित प्रदेश में सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेज खुले
रवि परमार ने लिखा जांच में यह पाया गया है कि कई नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने के लिए जिन अस्पतालों को आधार बनाया गया था, वे स्वयं ही फर्जी थे। बिना पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं, योग्य डॉक्टरों एवं आवश्यक संसाधनों के ये अस्पताल खोले गए और इनके आधार पर नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई। यह पूरे स्वास्थ्य तंत्र के साथ धोखाधड़ी है जिसमें CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी समेत प्रदेश के कई सीएमएचओ की संलिप्तता उजागर होती है। परमार ने अब तक बंद किए गए फर्जी अस्पताल एवं संबंधित नर्सिंग कॉलेज और वर्तमान में संचालित संदिग्ध अस्पताल एवं उनके नर्सिंग कॉलेज की दो अलग अलग सूची भी पत्र एक साथ सौंपी है।

भोपाल CMHO सहित प्रदेश के सभी सीएमएचओ पर FIR की मांग
उन्होंने कहा आपसे अनुरोध है कि डॉ. प्रभाकर तिवारी और अन्य दोषियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और प्रदेश में संचालित सभी फर्जी अस्पतालों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। NSUI नेता ने कहा वर्तमान में संचालित संदिग्ध अस्पतालों की तुरंत निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे चिकित्सा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। परमार ने लिखा यह घोटाला स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर जनता के साथ धोखा और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। आपसे निवेदन है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।

