‘ना रहेगा बांस, ना रहेगी बांसुरी’, MP में बेरोजगारों को आकांक्षी युवा कहे जाने पर कांग्रेस का तंज…
भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने नई पहल करते हुए राज्य के बेरोजगार युवाओं को एक नया नाम दिया है. सरकार का कहना है कि अब राज्य के रोजगार पोर्टल पर बेरोजगार युवाओं को अकांक्षी युवा के रूप में रजिस्ट्रेशन किया जाएगा यानी अब उन्हें बेरोजगार नहीं बल्कि आकांक्षी युवा कहा जाएगा. राज्य के रोजगार पोर्टल पर मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या बताते समय ‘आकांक्षी युवा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया और उनकी संख्या 29.37 लाख से अधिक बताई गई है.

मोहन यादव सरकार का दावा है कि सरकार तेजी के साथ राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया कराएगी. मध्य प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार द्वारा राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए ‘आकांक्षी युवा’ शब्द का इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है. पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारों का मजाक उड़ा रही है.
इसे लेकर कांग्रेस की महिला नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि दरअसल नाम परिवर्तन से सरकार का मकसद कुछ और है, सरकार का मकसद है कि ना रहेगा बांस, ना रहेगी बांसुरी, ना बेरोजगार होंगे और ना बेरोजगारी खत्म करने का टेंशन रहेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि सुना है कि पीएम मोदी को मध्य प्रदेश सरकार का यह आइडिया पसंद आया है इसलिए इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है.
उन्होंने एक्स पर लिखा,
यह वाला मस्त है!
मध्यप्रदेश में बेरोजगार,
अब बेरोजगार नहीं आकांक्षी युवा कहलायेंगे !!
ना रहेगा बांस, ना रहेगी बांसुरी,
ना बेरोजगार होंगे, ना बेरोजगारी खत्म करने का टेंशन..
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार क्या बोले?
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘सरकार ने बेरोजगारों का नाम बदलकर मजाक बना दिया. जिन शिक्षित युवाओं के पास योग्यता होते हुए भी काम नहीं है, वे ‘बेरोजगार’ हैं, लेकिन, मध्यप्रदेश सरकार ढेरों आश्वासन के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दे पा रही और उनकी मजबूरी का नाम बदलकर उसे मजाक बना दिया,’’
उन्होंने कहा, ‘‘ कोई मोहन सरकार से पूछे कि बेरोजगारों को आकांक्षी युवा कहकर आखिर आप साबित क्या करना चाहते हैं?’’ सिंघार ने रेखांकित किया कि उप निरीक्षक और सूबेदारों की आठ साल से भर्ती नहीं हुई, लेखापाल और उप अंकेक्षक के पदों पर भी आठ साल से भर्ती नहीं की जा रही. उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी खामी को छुपाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार बेरोजगारों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है.
राज्य के मंत्री ने क्या कहा?
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सरकार का ‘आकांक्षी युवा’ शब्द इस्तेमाल करने का मकसद यह है कि जो युवा सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरियां कर रहे हैं, वे आगे बढ़कर उच्च पदों पर पहुंचने की आकांक्षा रखें. वहीं, जो बेरोजगार युवा हैं, वे नौकरी की आकांक्षा रखें तथा सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण कराएं. सरकार के इस कदम का बचाव करते हुए भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘मध्य प्रदेश और देश में भारतीय जनता पार्टी सरकार का प्रयास रोजगार यानी स्वरोजगार उपलब्ध कराना है. इसीलिए राज्य सरकार ने एक विशाल वैश्विक निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया, जहां रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं.’’