मीटर बदलने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को डंडे से पीटा
ग्वालियर: मीटर बदलने पहुंचे बिजली विभाग के अमले पर कुछ युवकों ने हमला कर दिया. बंधक बनाकर डंडों से पीटा. मारपीट का वीडियो बना रहे बिजली कर्मचारी को डंडे मार-मारकर हाथ तोड़ दिया, उसका मोबाइल भी तोड़ दिया. घटना गोला का मंदिर पुष्कर कॉलोनी में मंगलवार की है. घटना के बाद घायल कर्मचारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने बंधक बनाकर मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा डालने की FIR दर्ज की है. पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है.
मेला ग्राउण्ड बिजली कार्यालय में पदस्थ परीक्षण सहायक यंत्री ज्ञानेन्द्र सिंह राजपूत मंगलवार को गोला का मंदिर पुष्कर कॉलोनी में साथी स्टाफ रामसिंह, अंकित शर्मा, घनश्याम गौड़, तेजपाल, मनीष, सुनील राजपूत, जितेन्द्र धाकड़ के साथ मीटर बदलने की कार्रवाई करने पहुंचे थे. पुष्कर्म कॉलोनी में बिजली विभाग का अमला आदित्य सिंह के घर बाहर मीटर बदलने पहुंचा. तभी वहां पर विक्रम सिंह भदौरिया व उसके तीन अन्य साथी आ गए और अभद्रता करने लगे. इसी बीच हमलावर डंडे निकाल लाए और सभी को पीटने लगे. मारपीट होते देख कर्मचारी सुनील राजपूत ने अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया. इस पर हमलावरों ने उस कर्मचारी को पकड़ लिया और मोबाइल सड़क पर पटककर तोड़ दिया. साथ ही डंडों से सुनील को सड़क पर खड़ा कर खूब पीटा. इस पर बिजली अमले ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस पहुंची उससे पहले हमलावर भाग गए.
हाथ टूटने तक मारते रहे डंडे
घायल सुनील राजपूत को जिला अस्पताल मुरार में भर्ती कराया गया है. सुनील ने दैनिक भास्कर को बताया कि हमलावर मारपीट का वीडियो बनाने से नाराज थे. इसलिए वह उसके हाथ में तब तक डंडे मारते रहे जब तक की हाथ टूटकर नहीं लटक गया. मारते हुए कह रहे थे इन्हीं हाथों से बना रहा था वीडियो और बना.
मीटर में गड़बड़ी पर किया होगा हमला
बिजली अमले की टीम में परीक्षण सहायक ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि हमलावरों के हमले की वजह समझ नहीं आ रही है. हम लोग तो मीटर बदलने गए थे. हो सकता है कि विक्रांत के मीटर में कुछ गड़बड़ हो इसलिए उसने टीम पर हमला किया हो. पर इस तरह के हमले से टीम में काफी आक्रोश है.
इस संबंध में विनय शर्मा, टीआई गोला का मंदिर ने बताया कि बिजली विभाग के कर्मचारियों की शिकायत पर मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया है. आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे.

